राजाजी टाइगर रिजर्व में जिप्सी पंजीकरण पर सवाल,
फर्जी आधार पते के मामले में अधिकारियों को नोटिस

देहरादून: राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में टाइगर सफारी जिप्सियों के पंजीकरण को लेकर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार जिप्सी स्वामियों ने सफारी संचालन की अनुमति प्राप्त करने के लिए चीला कॉलोनी का फर्जी पता दर्शाया और आधार कार्ड के जरिए उसे स्थायी पते के रूप में दर्ज कराया।
जानकारी के अनुसार, टाइगर सफारी के लिए जिन जिप्सियों को अनुमति दी गई, उनमें से चार के पंजीकरण दस्तावेजों में चीला कॉलोनी का पता दर्ज है। बताया जा रहा है कि इन वाहन स्वामियों द्वारा प्रस्तुत आधार कार्ड में यही पता अंकित था, जिसे टाइगर रिजर्व प्रशासन ने स्थायी पता मानते हुए अनुमति जारी कर दी।
हालांकि, चीला कॉलोनी के नियंत्रण कार्यालय अधिशासी अभियंता (अनुरक्षण), चीला विद्युत गृह ने स्पष्ट किया है कि संबंधित व्यक्तियों का कॉलोनी से कोई संबंध नहीं है। यह तथ्य सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है।
आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार जैन द्वारा प्राप्त दस्तावेजों में इस अनियमितता का खुलासा हुआ। मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंचा, जहां प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों को 25 हजार रुपये का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मामले ने टाइगर रिजर्व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संवेदनशील वन क्षेत्र में सफारी संचालन की अनुमति देने से पहले दस्तावेजों की गहन जांच आवश्यक है। यदि पते के सत्यापन में लापरवाही बरती गई है, तो यह प्रशासनिक चूक मानी जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। आगे की कार्रवाई जवाब मिलने के बाद तय की जाएगी।