सीएम बदलने की चर्चाओं पर विराम! हरिद्वार में अमित शाह और धामी की मजबूत बॉन्डिंग से सियासी संदेश
हरिद्वार: उत्तराखंड में पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चल रही अटकलों पर शनिवार को उस समय विराम लग गया, जब केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने हरिद्वार में आयोजित “धामी सरकार के 4 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की खुलकर सराहना की। मंच से शाह और धामी के बीच दिखी सहज और मजबूत बॉन्डिंग ने सियासी गलियारों में साफ संदेश दे दिया कि नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं का कोई आधार नहीं है।
सीएम बदलने की चर्चाओं पर विराम! हरिद्वार में अमित शाह और धामी की मजबूत बॉन्डिंग से सियासी संदेश
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने धामी सरकार के कामकाज की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में धामी के नेतृत्व में विकास की रफ्तार तेज हुई है और राज्य कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शाह ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार और सिफारिश की शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन अब बिना रिश्वत और बिना सिफारिश के युवाओं को नौकरी मिल रही है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कई घोटालों के आरोप लगे थे। दलित छात्रवृत्ति घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय सचिवालय में कमीशन एजेंटों का बोलबाला था, जबकि धामी सरकार ने ऐसी प्रवृत्तियों पर सख्ती से लगाम लगाने का काम किया है।
गृह मंत्री ने राज्य में लागू किए गए सख्त नकल विरोधी कानून की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कानून के कारण भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आई है और युवाओं का भरोसा बढ़ा है।
इसके साथ ही अमित शाह ने राज्य में लागू किए गए Uniform Civil Code (यूसीसी) को ऐतिहासिक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री धामी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है जिसने यूसीसी लागू किया है। शाह के अनुसार, समान कानून व्यवस्था समाज में समानता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के साथ ही जनसांख्यिकी में अप्राकृतिक वृद्धि को रोकने में भी सहायक साबित होगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंच से अमित शाह द्वारा मुख्यमंत्री धामी की खुलकर प्रशंसा और दोनों नेताओं के बीच दिखाई दी मजबूत तालमेल ने पार्टी के भीतर और बाहर चल रही अटकलों को काफी हद तक शांत कर दिया है। भाजपा में प्रधानमंत्री Narendra Modi और पार्टी नेतृत्व के साथ अमित शाह का अहम स्थान माना जाता है। ऐसे में शाह का सार्वजनिक रूप से धामी के नेतृत्व की सराहना करना बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान कई विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। इससे राज्य में बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसी दिन कानून व्यवस्था और तकनीकी एकीकरण के क्षेत्र में भी उत्तराखंड को बड़ी उपलब्धि मिली। National Crime Records Bureau (एनसीआरबी) की ओर से जारी ताजा प्रगति डैशबोर्ड के अनुसार, इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 के राष्ट्रीय कार्यान्वयन में उत्तराखंड ने 93.46 अंक हासिल कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
इस उपलब्धि को राज्य में नए आपराधिक कानूनों और डिजिटल पुलिसिंग व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इन उपलब्धियों और केंद्रीय नेतृत्व के समर्थन के साथ मुख्यमंत्री धामी की स्थिति आगामी 2027 विधानसभा चुनाव तक और मजबूत होती दिखाई दे रही है।