उत्तराखंड: सीमांत क्षेत्रों के बुनकरों के उत्थान हेतु राज्यमंत्री सेमवाल का निरीक्षण

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में बुनकरों की दशा सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के राज्यमंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने उत्तरकाशी जिले के विभिन्न ग्रोथ सेंटरों का व्यापक निरीक्षण किया।
मुख्य घटनाक्रम
निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री सेमवाल ने स्थानीय बुनकरों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को गहराई से समझने का प्रयास किया। उन्होंने बुनकरों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित की जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक शैलजा डबराल सहित पूरा स्टाफ उपस्थित था, जिससे इस पहल की गंभीरता और व्यापकता का पता चलता है।
राज्यमंत्री के मुख्य वक्तव्य
राज्यमंत्री सेमवाल ने अपने संबोधन में कहा, “उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण और संवर्धन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारे हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद न केवल राज्य की अनमोल पहचान हैं, बल्कि ये प्रधानमंत्री मोदी जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और मुख्यमंत्री धामी जी के ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ के महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।”
उन्होंने आगे जोड़ा, “हमारे कुशल बुनकरों की अद्वितीय कला और अथक मेहनत को उचित मंच और सम्मान मिलना आवश्यक है। राज्य सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से उन्हें रोजगार के बेहतर और टिकाऊ अवसर प्रदान करने के साथ-साथ उनके गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
सरकारी प्रतिबद्धता
इस निरीक्षण से स्पष्ट संदेश मिलता है कि उत्तराखंड सरकार बुनकरों की चुनौतियों के समाधान के लिए पूर्णतः संकल्पित है और उनके समग्र उत्थान के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। यह पहल राज्य के सीमांत क्षेत्रों में रोजगार सृजन और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।