देहरादून

धामी सरकार की सख्ती: बिना लाइसेंस नहीं बिकेगा कुट्टू का आटा, केवल सील पैक में होगी बिक्री

उत्तराखंड सरकार ने नवरात्रि के दौरान व्रत में उपयोग होने वाले कुट्टू के आटे की बिक्री को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब बिना लाइसेंस के कुट्टू का आटा नहीं बेचा जा सकेगा और इसे केवल सील पैक में ही बेचना अनिवार्य होगा। यह फैसला मिलावटी कुट्टू के आटे से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए लिया गया है। सरकार ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कुट्टू के आटे के छह सैंपल फेल, मिलावटखोरों पर मुकदमा दर्ज

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर से लिए गए कुट्टू के आटे के छह सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। इनमें से कई नमूने कीट और फंगस से विषाक्त पाए गए, जबकि कुछ में मायकोटॉक्सिन की उपस्थिति मिली।

जांच में फेल हुए प्रतिष्ठानों की सूची इस प्रकार है:

देहरादून: मैसर्स लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी, विकासनगर

ऋषिकेश: ब्लिंक कामर्स प्राइवेट लिमिटेड

हरिद्वार: नटराज एजेंसी (पीठ बाजार, ज्वालापुर) और आशीष प्रोविजन स्टोर (खेडी मुबारकपुर, लक्सर)

रुड़की: शिवा स्टोर (अनाज मंडी)

ऊधमसिंहनगर: जय मैया किराना स्टोर (सिसोना, सितारगंज)

इन सभी प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

खुले में कुट्टू का आटा बेचा तो होगी कार्रवाई

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यापारी खुले में कुट्टू का आटा नहीं बेच सकेगा। विक्रय केवल सील पैक में ही किया जा सकेगा, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के लेबलिंग नियमों का पालन अनिवार्य होगा। पैकेट पर निर्माण तिथि, पैकेजिंग तिथि, एक्सपायरी डेट और विक्रेता की खाद्य लाइसेंस संख्या दर्ज करना जरूरी होगा।

खाद्य कारोबारियों के लिए सख्त नियम

1. बिना वैध खाद्य लाइसेंस के कुट्टू का आटा और बीज नहीं बेचा जा सकेगा।

2. सभी कारोबारियों को खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड लिखित रूप में रखना अनिवार्य होगा।

3. यदि कोई विक्रेता बिना अनुमति के खुले में आटा बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मिलावट से बीमार होने की घटनाएं बढ़ीं

पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड के कई जिलों में मिलावटी कुट्टू के आटे के सेवन से लोगों को फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इन्हीं घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने पहले से ही सख्ती बरतने का निर्णय लिया है।

संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश

खाद्य संरक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि इन नियमों का कड़ाई से पालन हो। इसके लिए नियमित जांच और निरीक्षण किए जाएंगे। यदि कोई भी विक्रेता नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

उपभोक्ताओं से अपील

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे नवरात्रि के दौरान कुट्टू के आटे की खरीदारी करते समय सतर्क रहें। केवल सील पैक आटा ही खरीदें और पैकेट पर अंकित निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि, लाइसेंस नंबर और अन्य विवरणों को जांच लें। यदि किसी को संदेहास्पद उत्पाद मिलता है, तो वह इसकी शिकायत विभाग से कर सकता है।

नए नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य

सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि मिलावटखोरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे में सभी खाद्य कारोबारियों को इन नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।

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