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भारत के सख्त कदम से पाकिस्तान बौखलाया, एयरस्पेस बंद, वीजा रद्द, शिमला समझौते को रद्द करने की धमकी

पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ निर्णायक एक्शन लिया है, जिसके चलते पड़ोसी देश में खलबली मच गई है। इस आतंकी हमले में 28 भारतीय पर्यटकों की जान चली गई, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपात उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और कड़ा संदेश देते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक, जल-नीति और सीमा सुरक्षा से जुड़े कई कड़े फैसले लिए।

भारत के जवाबी कदम:

1. सिंधु जल समझौता रोका गया:  भारत ने 1960 में हुए सिंधु जल समझौते पर रोक लगाने का फैसला लिया है। भारत अब सिंधु नदी के जल पर पूर्ण नियंत्रण रखेगा और पाकिस्तान को मिलने वाला पानी रोक दिया जाएगा। पाकिस्तान ने इस निर्णय को “युद्ध जैसी कार्रवाई” बताया है।

2. बाघा-अटारी बॉर्डर बंद:  भारत ने बाघा-अटारी सीमा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सभी वीजा प्रक्रिया को निलंबित कर दिया गया है।

3. वीजा पर रोक:  भारत ने SAARC देशों की वीजा छूट योजना के तहत पाकिस्तान के नागरिकों को दी जा रही वीजा सुविधाएं भी रद्द कर दी हैं।

4. भारतीय दूतावास में कटौती:  इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग की गतिविधियों को सीमित किया जा रहा है। केवल 30 राजनयिक और कर्मचारी रहेंगे।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: बौखलाहट और गीदड़भभकी

भारत के इन सख्त कदमों के बाद पाकिस्तान सरकार पूरी तरह बौखला गई है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की आपात बैठक बुलाई जिसमें सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुख मौजूद रहे।

 

पाकिस्तान द्वारा लिए गए निर्णय:

  1. भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद:
    पाकिस्तान ने अपने वायु क्षेत्र को भारतीय विमानों के लिए बंद कर दिया है।
  2. वीजा रद्द और नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश:
    पाकिस्तान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को (सिख तीर्थयात्रियों को छोड़कर) 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। 30 अप्रैल तक उन्हें भारत लौटने को कहा गया है।
  3. शिमला समझौते को रद्द करने की धमकी:
    पाकिस्तान सरकार ने 1972 में हुए शिमला समझौते को रद्द करने की धमकी दी है — यह समझौता दोनों देशों के बीच शांति और वार्ता का आधार रहा है।
  4. भारतीय रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को “अवांछित” घोषित किया:
    इस्लामाबाद स्थित भारतीय रक्षा सलाहकारों को 30 अप्रैल तक पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया गया है।

राजनीतिक और रणनीतिक असर:
भारत का यह रुख साफ संकेत है कि अब आतंकवाद के हर हमले का जवाब सिर्फ बयानबाज़ी से नहीं, ठोस एक्शन से दिया जाएगा। सिंधु जल समझौते पर रोक और दूतावास सीमित करना केवल प्रारंभिक कदम हैं। वहीं पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद करना और भारतीय नागरिकों को बाहर निकालना उसकी बौखलाहट और कूटनीतिक विफलता को उजागर करता है।

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में अभूतपूर्व दरार आ चुकी है। भारत ने आतंकी हमलों के प्रति “Zero Tolerance” की नीति को स्पष्ट कर दिया है, वहीं पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दबाव झेलने के लिए तैयार रहे।

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