
पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सिलसिले में गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में एक अहम मुठभेड़ हुई, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर अल्ताफ लल्ली मारा गया। इस कार्रवाई को सुरक्षा बलों ने पहलगाम के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि बताया है।
सुरक्षा एजेंसियों को बांदीपोरा के कुलनार बाजीपोरा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। तलाशी के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी की, जिससे ऑपरेशन एनकाउंटर में बदल गया। भीषण गोलीबारी के बीच लश्कर कमांडर अल्ताफ लल्ली को ढेर कर दिया गया। इस मुठभेड़ में दो जवान भी घायल हुए हैं।
उधमपुर और त्राल में भी आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
उधर, उधमपुर में गुरुवार को आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया। वहीं, पुलवामा के त्राल इलाके में आतंकियों की तलाश में पहुंचे जवानों पर आईईडी से हमला करने की कोशिश की गई। सतर्क जवानों ने समय रहते विस्फोटक देख लिया और बाहर निकलते ही धमाका हो गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
इसी के साथ सुरक्षाबलों ने आतंकी आसिफ शेख के घर को भी विस्फोट से उड़ा दिया है। आसिफ, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी और पहलगाम हमले में शामिल बताया जा रहा है। त्राल में की गई इस कार्रवाई को आतंक के नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री का कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सख्त लहजे में कहा है कि भारत सरकार आतंकवाद की बची-खुची जमीन भी खत्म कर देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब आतंकियों को “चुन-चुनकर मारा जाएगा” और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब जवाब सख्त और निर्णायक होगा। सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर घाटी में आतंक के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही हैं। लश्कर कमांडर की मौत और आतंकियों के ठिकानों पर कार्रवाई इस बात का संकेत हैं कि अब हर हमले का जवाब पूरे दमखम के साथ दिया जाएगा।