
देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के एक नशा मुक्ति केंद्र में उस समय सनसनी फैल गई जब दो मरीजों ने सेंटर में रह रहे एक अन्य मरीज की निर्मम हत्या कर दी। हत्या इतनी निर्ममता से की गई कि आरोपियों ने चम्मच से गोद-गोद कर विकलांग मरीज की जान ले ली। यह घटना केवल हत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का नतीजा थी — और इसके पीछे की वजह सुनकर हर कोई हैरान है।
हत्या का कारण: जेल जाना चाहते थे आरोपी
केंद्र के संचालक रविंद्र कुमार के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे नशा मुक्ति केंद्र की सख्त पाबंदियों और अनुशासन से परेशान थे। इसलिए उन्होंने जेल जाने की योजना बनाई और इसके लिए हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने का निर्णय लिया।
सीसीटीवी कैमरों ने बचा ली संचालक की जान
रविंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार रात आरोपियों ने उनकी हत्या की भी योजना बनाई थी, लेकिन केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के चलते वे वारदात को अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद उन्होंने एक अन्य मरीज अजय कुमार को निशाना बनाया, जो शारीरिक रूप से असमर्थ थे।
हत्या के आरोपी: पहले भी रह चुके हैं फरार
मुख्य आरोपी गुरदीप सिंह पहले भी वर्ष 2024 में इसी केंद्र में एक महीने तक भर्ती रह चुका था और तब वह कर्मचारियों को चकमा देकर फरार हो गया था। 31 मार्च 2025 को उसे दोबारा केंद्र में भर्ती कराया गया था। आरोपियों में से एक अन्य व्यक्ति भी हाल ही में भर्ती किया गया था।
मृतक की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मृतक अजय कुमार को शराब की लत के चलते 8 अप्रैल 2025 को केंद्र में भर्ती कराया गया था। पुलिस के अनुसार, अजय कुमार के परिवार में दो बेटे हैं — एक बेटा उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात है और बरेली में सेवाएं दे रहा है, जबकि दूसरा बेटा मेरठ के एक विश्वविद्यालय में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत है। मृतक की पत्नी एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक हैं।
पुलिस जांच जारी, हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है।