जयपुर में महिला RAS अधिकारी मुस्लिम साथी के साथ लिव-इन में, परिजनों ने लगाए लव जिहाद के आरोप

जयपुर। राजस्थान की राजधानी में एक महिला RAS अधिकारी के लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। महिला अधिकारी अपने मुस्लिम RAS सहकर्मी के साथ अपनी मर्जी से रह रही है, जबकि उसके माता-पिता ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताया है। मामला बढ़ने पर यह राजस्थान की नौकरशाही में भी चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, महिला RAS अधिकारी अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। जब उसके माता-पिता—जो खुद भी सेवानिवृत्त RAS अधिकारी हैं—ने बेटी की गुमशुदगी की शिकायत शिप्रापथ थाने में दर्ज कराई, तो पुलिस ने महिला अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की। उसने पुलिस को फोन पर अपने माता-पिता से बात करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद महिला RAS अधिकारी स्वयं बजाज नगर थाने पहुंची और पुलिस को बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से अपने RAS सहकर्मी अमन खिलेदार के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही है। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि उसके साथ कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की गई है और वह अपने माता-पिता के साथ किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं रखना चाहती।
दूसरी ओर, महिला के पिता ने 28 अप्रैल को बजाज नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी को मुस्लिम अधिकारी अमन खिलेदार ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। उन्होंने दावा किया कि यह एक साजिश है जिसके तहत उनकी बेटी को उसके धर्म और संस्कृति से दूर किया जा रहा है। उन्होंने इसे ‘लव जिहाद’ करार दिया।
पुलिस फिलहाल महिला अधिकारी की तरफ से दिए गए बयान के आधार पर मामले में कोई आपराधिक पहलू नहीं मान रही है, लेकिन परिवार की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के चलते यह मामला अब समाज और प्रशासन दोनों स्तरों पर बहस का मुद्दा बन गया है।
महत्वपूर्ण बिंदु:
महिला अधिकारी ने लिव-इन को बताया अपनी ‘स्वतंत्र इच्छा’ का फैसला
माता-पिता ने लगाया ‘लव जिहाद’ का आरोप
थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट, पुलिस ने नहीं मानी जबरदस्ती
मामला नौकरशाही में बढ़ते धार्मिक तनाव की ओर इशारा करता है
यह मामला अब सिर्फ एक पारिवारिक असहमति नहीं, बल्कि प्रशासनिक और सामाजिक बहस का विषय बन चुका है, जिस पर पूरे राज्य की नजर है।