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उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2025 की भव्य शुरुआत: जय बदरीविशाल के उद्घोष के साथ खुले बदरीनाथ धाम के कपाट

बदरीनाथ :  विश्वप्रसिद्ध  बदरीनाथ धाम के कपाट आज रविवार, बैशाख शुक्ल सप्तमी, पुष्य नक्षत्र में प्रातः 6 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर परिसर में सेना की गढ़वाल स्काउट रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों और “जय बदरीविशाल” के गगनभेदी नारों के साथ कपाट खुलने की पावन प्रक्रिया सम्पन्न हुई। इस मौके पर मंदिर को 40 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था।

15,000 से अधिक श्रद्धालु

कपाट खुलने के शुभ अवसर पर 15,000 से अधिक श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में सेना, आईटीबीपी और दानदाता श्रद्धालुओं द्वारा भंडारों का आयोजन किया गया। सीमांत गांव माणा और बामणी की महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य-संगीत प्रस्तुत किया, वहीं मंदिर के ऊपर हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा ने माहौल को और भी अलौकिक बना दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने के अवसर पर बदरीनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और सभी देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने श्रद्धालुओं से चारधाम यात्रा में सम्मिलित होने का आग्रह करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार ने उनकी यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “इस वर्ष उत्तराखंड की चारधाम यात्रा नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।” उन्होंने प्रदेश और देश की समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।

बीकेटीसी ( बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) द्वारा इस वर्ष भगवान बदरीविशाल की प्रथम महाभिषेक पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की जाएगी। समिति के नव नियुक्त अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने यात्रा को बेहतर ढंग से संपन्न कराने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और विजय कपरवाण ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। वहीं, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने दर्शन को और सरल व सुगम बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें टोकन प्रणाली और रजिस्ट्रेशन की सख्ती से जांच शामिल है।

आज ही बदरीनाथ मंदिर परिसर के परिक्रमा में स्थित सभी मंदिरों—माता लक्ष्मी,  गणेश, घंटाकर्ण, आदि केदारेश्वर,  शंकराचार्य मंदिर, माता मूर्ति मंदिर (माणा), भविष्य बदरी मंदिर (सुभाई)—के भी कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।

कपाट खुलने की प्रक्रिया भोर 4 बजे से शुरू हुई, जिसमें बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल और अधिकारीगण शामिल रहे। प्रातः 5 बजे रावल अमरनाथ नंबूदरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, जिलाधिकारी संदीप तिवारी, पूर्व रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी सहित कई गणमान्यजन मंदिर परिसर पहुंचे और द्वार पूजा में सम्मिलित हुए।

साढ़े 5 बजे से द्वार पूजा शुरू हुई और ठीक 6 बजे भगवान बदरीविशाल के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिए गए। मंदिर गर्भगृह में  कुबेर,  गरुड़ और  उद्धव जी की प्रतिष्ठा की गई, और इसके बाद भगवान बदरीविशाल के निर्वाण दर्शन प्रारंभ हुए।

इस पावन अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, प्रधानमंत्री मोदी के भाई पंकज मोदी, विधायक लखपत बुटोला, वरिष्ठ नागरिक परिषद अध्यक्ष रामचंद्र गौड़, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, और अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि मंदिर समिति तीर्थयात्रियों की सेवा में तत्पर है और सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। कपाट खुलने की इस भव्य प्रक्रिया के साथ ही आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा से ओत-प्रोत चारधाम यात्रा 2025 की शुरुआत हो गई है।

 

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