मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और डीएम सविन बंसल के प्रयासों से शिक्षा की ओर लौटते भिक्षावृत्ति से मुक्त बच्चे

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल पर तैयार किए गए राज्य के पहले आधुनिक इन्टेंसिव केयर शेल्टर के माध्यम से भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। साधुराम इंटर कॉलेज में स्थापित इस शेल्टर में बच्चों के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और मानसिक विकास के लिए एक समग्र वातावरण तैयार किया गया है।

डीएम सविन बंसल द्वारा तैयार किए गए इस माइक्रो प्लान के तहत अब तक अनेक बच्चों को सड़क से निकाल कर इस आदर्श शिक्षा केंद्र में लाया गया है। यहां बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ संगीत, योग, नाटक, कंप्यूटर और खेल गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है। दिनचर्या में गीत-संगीत, योग अभ्यास, पठन-पाठन और खेलों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के प्रति आकर्षित किया जा रहा है।
आधुनिक शेल्टर में कंप्यूटर लैब, म्यूजिक रूम, खेल उपकरणों की स्थापना के साथ निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेषज्ञ शिक्षक एवं स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधि नियमित रूप से कक्षाएं ले रहे हैं। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य की भी नियमित जांच की जा रही है और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
यह शेल्टर शिक्षा के उस मंदिर के रूप में उभर रहा है जहां बच्चे भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी जैसे सामाजिक अभिशाप से मुक्त होकर एक उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। डीएम का यह अभिनव प्रयास राज्य में बाल कल्याण के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल बन कर उभर रहा |