टीबी मुक्त भारत अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को राज्यपाल ने किया सम्मानित

देहरादून: राजभवन में मंगलवार को आयोजित एक समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विशेष योगदान देने वाले निःक्षय मित्रों, ट्रीटमेंट सपोर्टर्स और विभिन्न जनपदों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखण्ड के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
राज्यपाल ने इस अवसर पर 13 निःक्षय मित्रों को सम्मानित किया, जिन्होंने टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी निगरानी, मानसिक संबल और देखभाल में योगदान दिया। इसके साथ ही 13 ट्रीटमेंट सपोर्टर्स को भी स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिन्होंने जमीनी स्तर पर उपचार की सतत मॉनिटरिंग की। देहरादून, चम्पावत और रुद्रप्रयाग जनपदों को अभियान में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से सराहा गया। इस दौरान टीबी से स्वस्थ हुए “टीबी चैंपियन्स” को भी सम्मान मिला और गोद लिए गए मरीजों को पोषण किट प्रदान की गई।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामाजिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं 75 मरीजों को गोद ले चुके हैं, जिनमें से 62 पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने सभी सक्षम नागरिकों से निःक्षय मित्र बनने की अपील की और स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि कोई भी मरीज जानकारी या संसाधन के अभाव में उपचार से वंचित न रहे।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी संबोधित किया और बताया कि 01 अगस्त, 2025 से राज्य भर में टीबी मुक्त अभियान के तहत विशेष शिविर लगाए जाएंगे। यह शिविर प्रत्येक नगर निगम व पंचायत वार्ड में आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य टीबी की पहचान, उपचार और व्यापक जनजागरूकता होगा।
समारोह में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, रेडक्रॉस चेयरमैन डॉ. नरेश चौधरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।