कैम्ब्रियन स्कूल पर जिला प्रशासन की सख्ती, फीस घटाने और नियमों के पालन का दिया निर्देश, अभिभावकों को मिली राहत

देहरादून: जिले के नामी निजी स्कूलों की मनमानी पर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने अभिभावकों की शिकायत के बाद कैम्ब्रियन हॉल स्कूल पर प्रवर्तन कार्रवाई की है। स्कूल द्वारा की गई 10 प्रतिशत फीस वृद्धि को प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद 5 प्रतिशत तक कम करना पड़ा है। साथ ही, स्कूल ने लिखित अंडरटेकिंग देते हुए आश्वासन दिया है कि पहले से वसूली गई अधिक फीस को आगामी महीनों में समायोजित किया जाएगा।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में अनियमितता और शोषण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मई में स्कूलों को जारी आदेशों की अनदेखी पर जिला प्रशासन ने स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। अभिभावकों की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए, जिसके बाद मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह के नेतृत्व में कोर टीम गठित कर स्कूल की सीबीएसई संबद्धता हेतु राज्य सरकार से जारी एनओसी को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जांच के दौरान पाया गया कि स्कूल प्रशासन ने फीस में मनमानी वृद्धि की थी, जिस पर 30 मई को दिए गए प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन किया गया। इसके बाद स्कूल को सख्त नोटिस जारी कर प्रिंसिपल को तलब किया गया और चेतावनी दी गई कि फीस ढांचे को मानक के अनुसार ही तय किया जाए। स्कूल प्रशासन ने इसके जवाब में 18 जुलाई को अभिभावकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की, जिसमें कहा गया कि अतिरिक्त शुल्क को समायोजित किया जाएगा और जिन्होंने अब तक फीस जमा नहीं की है, उनसे किसी प्रकार का विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही कक्षा 9वीं और 10वीं के उन छात्रों से कंप्यूटर फीस नहीं ली जाएगी, जिनका यह विषय नहीं है। स्कूल ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभिभावक किताबें और ड्रेस कहीं से भी खरीद सकते हैं।
जिलाधिकारी ने दोहराया कि शिक्षा सबका अधिकार है और इसका व्यवसायीकरण किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी किसी निजी स्कूल की शिकायत मिलने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर मान्यता भी रद्द की जा सकती है। प्रशासन की इस सख्ती से अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है और जिले में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।