देहरादून
सहकारिता में व्यावसायिक नवाचारों को मिलेगा संबल: डॉ. धन सिंह रावत

देहरादून: राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने सरकारी आवास पर समीक्षा बैठक आयोजित कर कहा कि प्रदेश की सहकारिता व्यवस्था को मजबूत एवं आधुनिक बनाने हेतु व्यावसायिक नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही सहकारी बैंकों में 10 लाख नए खाते खोलने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य राज्य सरकार ने निर्धारित किया है (Dr. Dhan Singh)
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय:
- डॉ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सहकारी संस्थाओं के लिए नए बिजनेस प्लान तैयार किए जाएँ, जिससे वे आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर आम जनता तक सेवाएं प्रभावी तरीके से पहुँचा सकें
- 10 लाख नए खाते:
सहकारी बैंकों में दस लाख नये खाते खोलने हेतु बैंकिंग अधिकारियों को लक्ष्य निर्दिष्ट किया गया है। इस दिशा में माइक्रो‑एटीएम वितरण की गति भी तेज करने का आदेश जारी किया गया ताकि ग्रामीण एवं अंतिम छोर के लोगों तक वित्तीय सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित हो सके - बैठक में पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समितियां) के कंप्यूटराइजेशन में हो रही धीमी प्रगति पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए इसे शीघ्र गति देने की बात कही। उन्होंने बताया कि भारत सरकार से वित्त पोषित योजनाओं में उत्तराखंड की प्रगति अपेक्षित स्तर से पीछे है और सभी कमियों को पहचानकर दूर करने को कहा गया है
- प्रदेश की शीर्ष सहकारी संस्थाओं जैसे कि – शहर सहकारी बैंक, उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ, रेशम फेडरेशन, प्रादेशिक को-ऑपरेटिव यूनियन, हॉर्टिकल्चर फेडरेशन, राज्य समेकित भंडारण निगम, लेबर फेडरेशन, उपभोक्ता संघ एवं आवास संस्थाओं की अगस्त माह से निरंतर समीक्षा की जाएगी
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारिता प्रणाली का सशक्तिकरण ही ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की कुंजी है। इसके पूर्ण क्रियान्वयन हेतु सभी अधिकारियों को योजनाओं में गति लाने की आवश्यकता है
बैठक में अपर निबंधक ईरा उप्रेती, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, मंगला त्रिपाठी, उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल, सहायक निबंधक मुख्यालय राजेश चौहान एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।