देहरादून

देहरादून:सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए 68 स्वयंसेवियों को दिया गया फर्स्ट रेस्पॉन्डर प्रशिक्षण

देहरादून: सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और दुर्घटना के बाद मानवीय क्षति को कम करने के सरकारी प्रयासों के तहत परिवहन विभाग देहरादून ने सिनर्जी अस्पताल में एक महत्वपूर्ण फर्स्ट रेस्पॉन्डर ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में स्वयंसेवियों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों को दुर्घटना के तुरंत बाद घायलों की सहायता करने के लिए प्रशिक्षित किया गया।

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देहरादून, ऋषिकेश और विकासनगर के आरटीओ कार्यालयों से कुल 68 स्वयंसेवियों ने भाग लिया। डॉ. चमोला ने बताया कि देश में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से बड़ी मात्रा में मानवीय और आर्थिक नुकसान हो रहा है। भारत सरकार ने 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को आधा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

प्रशिक्षण में सिनर्जी अस्पताल के क्रिटिकल केयर एनेस्थीसिया टीम के मुख्य चिकित्सक डॉ. सुधीर सिंह ने विस्तार से बताया कि दुर्घटना के एक घंटे के भीतर यदि पीड़ितों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल जाए तो मानवीय क्षति को 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इस महत्वपूर्ण एक घंटे को ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है। इस दौरान सहायता करने वाले व्यक्तियों को ‘गुड समैरिटन’ कहा जाता है।

प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सिखाया गया कि दुर्घटनास्थल पर घायल व्यक्ति को कैसे सुरक्षित करना है, रक्तस्राव को कैसे नियंत्रित करना है, और सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की सहायता से कैसे सांस वापस लाई जा सकती है। SDRF की टीम ने पहाड़ी इलाकों में सीमित संसाधनों के साथ घायलों की सहायता करने की तकनीकें भी सिखाईं।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि देहरादून कैंट की विधायक  सविता कपूर ने कहा कि मानवता की सेवा सच्ची सेवा है और सड़क दुर्घटना में एक जान बचाना यानी एक पूरे परिवार को बचाना है। उन्होंने परिवहन विभाग के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अधिक से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करके सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का प्रयास किया जाना चाहिए।

परिवहन विभाग का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित स्वयंसेवियों का डेटा बैंक तैयार करना है ताकि भविष्य में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में ये व्यक्ति तत्काल सहायता प्रदान कर सकें। प्रशिक्षणार्थियों को फर्स्ट एड किट, बैग और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सिनर्जी अस्पताल के सीईओ डॉ. कृष्णा अवतार, सीएमडी डॉ. सीमा अवतार, प्रबंध निदेशक कमल कांत गर्ग, डॉ. विमल रॉय के साथ-साथ आरटीओ देहरादून पंकज श्रीवास्तव, आरटीओ विकासनगर अनिल नेगी, परिवहन अधिकारी एम.डी. पपनोई व अनुराधा पंत, सीओ यातायात जगदीश पंत, एसडीआरएफ उप-निरीक्षक अनूप रमोला की टीम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button