
उत्तराखंड: बदरीनाथ धाम में शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व भी अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर बदरीनाथ मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक समारोहों का आयोजन किया गया। मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि पर भगवान के जन्म के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अपने संदेश में सभी श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें भगवान श्रीकृष्ण के गीता के कर्मयोग का स्मरण कराता है। बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण और मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। जन्माष्टमी के अवसर पर रावल अमरनाथ नंबूदरी के साथ धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट और अमित बंदोलिया ने पूजा-अर्चना संपन्न की।
मंदिर के गर्भगृह को इस विशेष अवसर पर सुंदर फूलों से सजाया गया था। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ की जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर परिसर में शुक्रवार देर रात तक भजन संकीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। बदरीश पंडा पंचायत बदरीनाथ द्वारा 16 अगस्त शनिवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की विशेष झांकी निकाली जाएगी, जो उर्वशी मंदिर बामणी से शुरू होकर बदरीनाथ मंदिर परिसर तक पहुंचेगी। इस झांकी में बाल रूप भगवान श्रीकृष्ण, बलराम, सुदामा, नंदबाबा और माता यशोदा के पात्रों का जीवंत अभिनय प्रस्तुत किया जाएगा और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन में प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।