
देहरादून। UKSSSC परीक्षा पेपर लीक प्रकरण पर जहाँ एक ओर सीबीआई जांच की घोषणा और एसटीएफ की जांच जारी है, वहीं अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने अपनी सफाई दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उनकी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की चूक या गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है।
आयोग की ओर से जारी संवाद पत्र में कहा गया है कि 21 सितंबर को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया गया है। आयोग ने बताया कि परीक्षा की गोपनीय सामग्री जिला प्रशासन के माध्यम से संबंधित कोषागार के डबल लॉक में सुरक्षित रखी जाती है और पुलिस की अभिरक्षा में ही परीक्षा केंद्रों तक पहुँचती है।
आयोग का कहना है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाते हैं। हरिद्वार के उस परीक्षा केंद्र पर भी जैमर सक्रिय था, जबकि एसटीएफ की पूर्व जांच रिपोर्ट में यह कहा गया था कि उस कक्ष में जैमर काम नहीं कर रहा था।
आयोग सचिव ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में उपयोग होने वाली ओएमआर शीट की मूल एवं द्वितीय प्रति कंट्रोल रूम में सीसीटीवी निगरानी के बीच सील की जाती है। यदि किसी अभ्यर्थी की मूल ओएमआर शीट खाली पाई जाती है तो उसका बाद में कोई लाभ नहीं मिल सकता।
कार्रवाई और पारदर्शिता
आयोग ने कहा कि परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों को पहले ही पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्तमान में एसआईटी जांच चल रही है और सरकार ने सीबीआई जांच के लिए सहमति दे दी है।
आयोग सचिव ने भरोसा दिलाया कि चयन आयोग हमेशा से परीक्षाओं को पूर्ण शुचिता, पारदर्शिता और गोपनीयता के साथ कराता रहा है। उन्होंने कहा – “स्नातक स्तरीय परीक्षा भी पूरी ईमानदारी से कराई गई है। अनैतिक गतिविधि की कोई संभावना नहीं है। यदि कोई आपराधिक मानसिकता का व्यक्ति नकल करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाती है।”