
पंतनगर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वैज्ञानिकों से पारंपरिक खेती पर अनुसंधान करने और उसकी उन्नत तकनीक किसानों तक पहुंचाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कृषि पद्धतियां हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए आधुनिक तकनीक के साथ उनका समावेश किसानों की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित किसान कुंभ को ‘ज्ञान कुंभ’ की संज्ञा देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। यहां किसान नवीनतम कृषि तकनीक, उन्नत बीज, आधुनिक उपकरणों और नई शोधों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सीएम धामी ने बताया कि राज्य सरकार वर्षा आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपये की लागत से ‘उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पान्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट’ शुरू कर रही है। इस परियोजना से पहाड़ी क्षेत्रों में खेती को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।
मुख्यमंत्री रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित चार दिवसीय अखिल भारतीय कृषि कुंभ और कृषि उद्योग प्रदर्शनी के तीसरे दिन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों तथा किसानों से संवाद किया।