
देहरादून में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) परीक्षा में नकल के लिए ब्लूटूथ उपकरण का इस्तेमाल करने की बड़ी साजिश सामने आई है। मंगलवार को महादेवी इंटर कॉलेज के परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी दीपक को ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
जांच में आए नए खुलासे
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि परीक्षा में नकल कराने की इस योजना में महादेव डिजिटल जोन के मालिक की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
पुलिस के अनुसार—
नकल के लिए ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराने वाला कर्मचारी लकी इसी डिजिटल जोन में काम करता है।
इसे परीक्षा केंद्र पर विशेष तौर पर एसएससी परीक्षा के लिए सहायक के रूप में तैनात किया गया था।
यह नियुक्ति सीधे सेंटर संचालक द्वारा की गई थी, जिससे उसकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
नकल रैकेट की गहराई तक जांच
पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि:
ब्लूटूथ उपकरण किसने उपलब्ध करवाया?
मुख्य मास्टरमाइंड कौन है?
कितने अभ्यर्थी और कर्मचारी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं?
क्या यह एक संगठित गैंग है जो राज्य या बाहरी इलाकों में भी सक्रिय है?
पुलिस अधिकारी इस मामले को गंभीर परीक्षा सुरक्षा उल्लंघन मानते हुए रैकेट के सभी सदस्यों को चिन्हित करने में जुटे हैं। डिजिटल जोन मालिक की भूमिका की भी विस्तृत जांच की जा रही है ताकि नकल प्रणाली की पूरी कड़ी सामने आ सके।
अभ्यर्थी दीपक से पूछताछ में अहम सुराग
गिरफ्तार अभ्यर्थी दीपक से पूछताछ में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिसके आधार पर अन्य संभावित सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।