
उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आज से हाथी सफारी आधिकारिक रूप से शुरू हो रही है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व को इसके संचालन की अनुमति मिल गई है। दोनों प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों में हाथी सफारी लंबे समय से पर्यटकों की पसंद रही है, और इस पहल से राज्य में वाइल्डलाइफ टूरिज्म को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बिजरानी और ढीकाला ज़ोन में हाथी सफारी संचालित की जाएगी। ये दोनों क्षेत्र अपनी घनी जंगलों, वन्यजीवों की समृद्ध विविधता और बाघों की बेहतर दृश्यता के लिए प्रसिद्ध हैं। हाथी सफारी के माध्यम से पर्यटक जंगल की गहराइयों तक सुरक्षित रूप से पहुंच पाएंगे और प्राकृतिक आवास में वन्यजीवों का करीब से अवलोकन कर सकेंगे।
वहीं राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला ज़ोन में भी हाथी सफारी शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। चीला ज़ोन खासतौर पर एशियाई हाथियों, हिरणों और विभिन्न पक्षी प्रजातियों के लिए जाना जाता है, जिससे यह सफारी का अनुभव पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बनेगा।
वन विभाग का मानना है कि हाथी सफारी के पुनः संचालन से राज्य में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचेगा। सफारी के दौरान सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा ताकि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।