
देहरादून, 25 Nov 2025: शिक्षा विभाग में दिव्यांगता के फर्जी प्रमाणपत्रों का बड़ा घोटाला सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया है। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों के आधार पर 51 शिक्षकों ने नियुक्ति प्राप्त की थी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ये प्रमाणपत्र विभिन्न चिकित्सकों द्वारा जारी किए गए थे। अब इन चिकित्सकों को भी जांच के दायरे में लाया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रमाणपत्र जानबूझकर गलत तरीके से जारी किए गए या प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ संकेत दिया है कि जिन शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाएंगे, उनकी सेवाएं रद्द करने के साथ-साथ रिकवरी और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं, फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने में शामिल पाए जाने वाले चिकित्सकों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
शिक्षा विभाग इस पूरे प्रकरण को गंभीर अनियमितता मानते हुए तेजी से जांच आगे बढ़ा रहा है।