उत्तराखंडचमोली

बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति ने शीतकालीन यात्रा की तैयारियाँ शुरू

छह माह योग बदरी पांडुकेश्वर, नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ, ओंकारेश्वर उखीमठ और मक्कूमठ में होंगी पूजाएँ

देहरादून, 26 नवंबर: बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने शीतकालीन यात्रा 2025–26 के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद छह माह तक बदरीविशाल की शीतकालीन पूजा योग बदरी पांडुकेश्वर और नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में सम्पन्न होगी। वहीं केदारनाथ भगवान की पूजा परंपरागत रूप से ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में आयोजित की जाएगी।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुविधाएँ समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। सुरक्षा, आवास, यात्रा मार्ग, शीतकालीन पूजा व्यवस्थाओं और स्थानीय तीर्थ पुरोहितों व हकहकूकधारियों की सहभागिता के साथ शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कपाट बंद होने के बाद उद्धव और कुबेर की पूजा योग बदरी पांडुकेश्वर में होती है। आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में विराजमान रहती है, जबकि केदारनाथ की गद्दी परंपरानुसार उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में स्थापित की जाती है। द्वितीय केदार मदमहेश्वर की शीतकालीन पूजा भी उखीमठ में और तृतीय केदार तुंगनाथ की पूजा मक्कूमठ के मर्कटेश्वर मंदिर में सम्पन्न होती है।

बीकेटीसी ने शीतकालीन पूजा स्थलों पर स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, आवास सुविधाओं, पेयजल, स्वास्थ्य और आवागमन को बेहतर बनाने हेतु संबंधित विभागों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय शुरू कर दिया है।

अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तराखंड के चारधाम, विशेषकर केदारनाथ धाम से विशेष लगाव रहा है। हाल ही में उत्तराखंड रजत जयंती समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ का स्मृति चिन्ह प्रधानमंत्री को भेंट किया, जो शीतकालीन यात्रा को राज्य स्तर पर मिल रहे प्रोत्साहन का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि शीतकालीन पूजा स्थल राज्य की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालु केवल ग्रीष्मकाल में ही नहीं, बल्कि शीतकालीन यात्रा में भी अधिक संख्या में शामिल हों।

बदरीनाथ–केदारनाथ यात्रा मार्गों पर आधारभूत सुविधाएँ लगातार मजबूत की जा रही हैं ताकि वर्षभर तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा मिले। द्विवेदी ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की सराहना की। सरकार ने गढ़वाल मंडल विकास निगम के विश्राम गृहों में ठहरने वाले तीर्थयात्रियों के लिए आवास शुल्क में 50% रियायत देने का निर्णय लिया है। मंदिर समिति के यात्री विश्राम गृहों में भी शीतकाल के दौरान रखरखाव शुल्क कम कर दिया जाता है ताकि शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिल सके।

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