
पुरोला (उत्तरकाशी): उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-भालू संघर्ष लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। मोरी ब्लॉक के गोविंद वन्य जीव विहार पार्क क्षेत्र के जखोल गांव के जाबिल्च तोक में गुरुवार देर रात भालू का आतंक चरम पर दिखाई दिया। देर रात बस्ती में घुसा भालू कई घरों और छानियों के दरवाजे तोड़ता हुआ अंदर तक जा पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई।
कई घरों को नुकसान, ग्रामीणों में अफरातफरी
स्थानीय लोगों के अनुसार, भालू आधी रात के बाद बस्ती में प्रवेश कर गया। इस दौरान उसने लकड़ी और टीन के कई दरवाजे तोड़ दिए। कुछ घरों के भीतर मौजूद सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ। अचानक हुए शोर-शराबे से ग्रामीण जाग गए, जिसके बाद पूरा गांव भय के माहौल में बाहर निकल आया। बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
ग्रामीणों ने जलाए मशालें, पूरी रात नहीं सो पाए लोग
हमले के बाद लोग समूह बनाकर बाहर इकट्ठे रहे और खुद को सुरक्षित रखने के लिए मशालें और टॉर्च जलाकर रातभर पहरा देते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि भालू पूरे क्षेत्र में कई घंटों तक घूमता रहा, जिसके कारण कोई भी अपने घर वापस नहीं जा पाया।
भालू का व्यवहार बेहद आक्रामक, लगातार बढ़ रही घटनाएँ
पिछले कुछ महीनों में मोरी, पुरोला और आसपास के क्षेत्रों में भालू के आक्रामक व्यवहार की कई घटनाएँ सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों में भोजन की कमी और लगातार बढ़ते आबादी क्षेत्र के कारण जंगली जानवर बस्तियों की ओर अधिक आ रहे हैं।
वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से शिकायत कर क्षेत्र में पिंजरा लगाने, टीम तैनात करने और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी बड़ी घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर हालात की जानकारी लेने का आश्वासन दिया है और जल्द ही सुरक्षा उपायों पर काम शुरू करने की बात कही है।