
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में DTF टीम, श्रम निरीक्षक, AHTU एवं चाइल्डलाइन ऋषिकेश की संयुक्त कार्रवाई में ऋषिकेश क्षेत्र से भिक्षावृत्ति में लिप्त तीन बच्चों को रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू के पश्चात विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए एक बालिका को बालिका निकेतन, जबकि दो बच्चों को शिशु सदन में सुरक्षित रूप से आवासित किया गया है, जहां उनके संरक्षण, देखभाल एवं पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद स्तर पर बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम के पूर्ण उन्मूलन के उद्देश्य से यह अभियान नियमित रूप से जारी है। रेस्क्यू किए गए बच्चों के मानसिक एवं सामाजिक पुनर्वास हेतु उन्हें आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में योग, संगीत, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से तैयार किया जा रहा है, ताकि उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
जिला प्रशासन द्वारा अब तक 100 से अधिक बच्चों को भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम से मुक्त कराकर विद्यालयों में दाखिला दिलाया जा चुका है। यह पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और समाज में सम्मानजनक पुनर्स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल भिक्षावृत्ति या बालश्रम की सूचना मिले, तो तुरंत संबंधित विभागों अथवा चाइल्डलाइन के माध्यम से जानकारी दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।