रुद्रप्रयाग में घर के भीतर महिला पर भालू का हमला, रसोई से घसीटकर खेतों तक ले गया

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में जंगली जानवरों का खतरा अब जंगलों और सड़कों तक सीमित नहीं रह गया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि लोग अपने घरों के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं। इसका ताजा और बेहद भयावह उदाहरण रुद्रप्रयाग जिले से सामने आया है।
शनिवार शाम करीब 7 बजे अगस्त्यमुनि विकासखंड की ग्राम सभा कमसाल के सिमार (ऐंटा) तोक में 32 वर्षीय महिला पूनम देवी राणा अपने घर की रसोई में रोटी बना रही थीं। इसी दौरान अचानक एक भालू घर के पास आ पहुंचा और महिला पर हमला कर दिया। भालू महिला को घसीटते हुए खेतों की ओर ले गया।
महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाया। ग्रामीणों ने करीब तीन खेत नीचे जाकर काफी मशक्कत के बाद किसी तरह महिला को भालू के चंगुल से छुड़ाया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और भालू की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही गई है।
यह घटना स्पष्ट संकेत देती है कि जंगली जानवरों का खतरा अब आबादी क्षेत्रों के भीतर तक पहुंच चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी भालू की गतिविधियां देखी गई हैं, लेकिन अब हमले घरों के अंदर तक होने लगे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और भालू को आबादी क्षेत्र से दूर करने के ठोस कदम उठाए जाएं।
यह घटना उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक और गंभीर चेतावनी है, जिसे अब नजरअंदाज करना मुश्किल होता जा रहा है।