
देहरादून | 2 जनवरी 2026: नए साल के अवसर पर उत्तराखंड में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया। 30 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक राज्य के विभिन्न जिलों में दिन-रात विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसके तहत नियमों को ताक पर रखकर चल रहे वाहनों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई।
इस अभियान के दौरान देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी जनपदों में कुल 1471 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 118 वाहनों को मौके पर ही बंद (सीज) किया गया। अभियान के लिए चारों जिलों में कुल 41 प्रवर्तन दल तैनात किए गए थे, जिनमें देहरादून से 21 और हरिद्वार से 18 प्रवर्तन दल शामिल रहे। इस दौरान करीब 150 प्रवर्तन अधिकारी एवं कर्मचारी लगातार चेकिंग में जुटे रहे।
चालान और वसूली के आंकड़े
परिवहन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार,
वित्तीय वर्ष 2024-25 (नवंबर तक) में देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी संभाग में
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75,921 चालान,
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4,595 वाहन बंद,
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और लगभग 13 करोड़ 99 लाख रुपये का शुल्क वसूला गया था।
वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक
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1,01,004 चालान,
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6,463 वाहन बंद,
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और करीब 15 करोड़ 96 लाख रुपये का शुल्क वसूला जा चुका है।
इन आंकड़ों में देहरादून जनपद सबसे आगे रहा, जहां 49,220 चालान किए गए। इसके बाद हरिद्वार जनपद में 44,836 चालान दर्ज किए गए।
हरिद्वार में सबसे अधिक वसूली
परिवहन विभाग के अनुसार, हरिद्वार जनपद में सबसे अधिक वाहन बंद किए गए और यहां से 7 करोड़ 79 लाख रुपये का शुल्क वसूला गया, जो चारों जनपदों में सबसे अधिक है।
दुर्घटनाओं में आई कमी
आरटीओ प्रवर्तन अनीता चमोला ने बताया कि लगातार प्रवर्तन कार्रवाई का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। देहरादून और हरिद्वार जनपदों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है। वहीं टिहरी और उत्तरकाशी जनपदों में अन्य जिलों की तुलना में पहले से ही कम दुर्घटनाएं हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि सड़क सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।