
देहरादून: अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों ने 4 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास कूच करने का ऐलान किया है। संगठनों का कहना है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा।
शुक्रवार को देहरादून में सामाजिक संगठनों और जन आंदोलनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर सीएम आवास कूच की घोषणा की। उत्तराखंड महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े हालिया ऑडियो–वीडियो सामने आने के बाद मामले में कई नए सवाल खड़े हुए हैं, जिससे पूरे प्रकरण की दोबारा जांच की आवश्यकता महसूस हो रही है।
उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक संगठन और विपक्षी दल जनहित के मुद्दों को लेकर एकजुट हुए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी इस आंदोलन को समर्थन देने की बात कही है।
कमला पंत ने आरोप लगाया कि सामने आए ऑडियो–वीडियो में अंकिता हत्याकांड के कई अहम पहलुओं का जिक्र है, इसके बावजूद सरकार मामले में स्पष्ट रुख नहीं अपना रही है। उन्होंने सवाल उठाए कि अंकिता से जुड़े साक्ष्यों को किसके निर्देश पर नष्ट किया गया, रिजॉर्ट के उस हिस्से को क्यों गिराया गया जहां अंकिता रहती थी और सामने आए कथित ऑडियो–वीडियो की जांच अब तक क्यों नहीं कराई गई।
सामाजिक संगठनों का कहना है कि दोषियों को सजा दिलाने के बजाय सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। संगठनों ने ऑडियो–वीडियो सामने लाने वाली उर्मिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
आयोजकों के अनुसार 4 जनवरी को सुबह 11 बजे दून क्लब के सामने सभी संगठन और समर्थक एकत्र होंगे। इसके बाद परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा।
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी हालिया कथित ऑडियो–वीडियो के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि विभिन्न सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं।