
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति से फैले डायरिया ने गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। शुक्रवार को एक महिला की मौत के बाद परिजनों का विलाप देखने को मिला। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक छह महीने के नवजात सहित कुल 15 लोगों की जान जा चुकी है।
मौतों के आंकड़ों पर विरोधाभास
मामले में प्रशासनिक स्तर पर मौतों के आंकड़ों को लेकर विरोधाभास सामने आया है।
- इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दावा किया है कि दूषित पानी से फैले डायरिया के कारण 10 लोगों की मौत हुई है।
- वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने अब तक केवल 5 मौतों की पुष्टि की है।
- स्थानीय निवासियों का कहना है कि मृतकों में 9 महिलाएं, 6 पुरुष और एक नवजात शामिल है।
स्वास्थ्य विभाग ने आधिकारिक तौर पर डायरिया से 4 मौतें दर्ज की हैं। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के इंदौर दौरे के दौरान भी अधिकारियों ने उन्हें चार मौतों की ही जानकारी दी थी।
हाईकोर्ट सख्त, निगम आयुक्त को नोटिस
इस मामले को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में दो याचिकाएं दाखिल की गई हैं। शुक्रवार को जस्टिस डीडी बंसल और जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की अवकाशकालीन पीठ ने सुनवाई की।
अदालत ने नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए घटना से जुड़े सभी तथ्य पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार की ओर से कोर्ट में पेश की गई 40 पेज की स्थिति रिपोर्ट में बताया गया कि हालात अब नियंत्रण में हैं।
- कुल 294 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था
- इनमें से 93 मरीजों को छुट्टी दे दी गई है
- 201 मरीजों का इलाज जारी है
- 32 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं
जिस संरचना के कारण पानी दूषित हो रहा था, उसे हटा दिया गया है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए नगर आयुक्त को पद से हटा दिया है, जबकि दो अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
बेल्लारी हिंसा: बैनर विवाद में गोलीबारी, एक युवक की मौत
कांग्रेस-भाजपा समर्थकों में झड़प, एसपी निलंबित, चार एफआईआर दर्ज
कर्नाटक के बेल्लारी जिले में बैनर लगाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और भाजपा विधायक जी. जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच हुई भिड़ंत के दौरान गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गई।
मृतक की पहचान 26 वर्षीय राजशेखर के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
पुलिस कार्रवाई
हिंसा के मामले में भाजपा विधायक जी. जनार्दन रेड्डी और पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु सहित कई लोगों के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज की गई हैं।
लापरवाही के आरोप में बेल्लारी के पुलिस अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
घटना के बाद पुलिस ने दोनों राजनीतिक दलों के समर्थकों को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया।