
देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से बारिश न होने का असर अब न केवल फसलों पर, बल्कि आम लोगों की सांसों पर भी पड़ने लगा है। राजधानी देहरादून की आबोहवा लगातार खराब होती जा रही है। रविवार को दून का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 172 दर्ज किया गया, जो चिंताजनक श्रेणी में है। हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है कि दो दिन बाद प्रदेश में मौसम करवट लेगा और बारिश-बर्फबारी का दौर शुरू होगा।

सांसों पर संकट: क्यों खराब हो रही है हवा? बारिश न होने के कारण वातावरण में धूल और धुएं के कण (Particulate Matter) जम गए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण हवा में PM 2.5 और PM 10 का बढ़ा हुआ स्तर है।
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आंकड़े: रविवार को AQI 172 रहा। इससे पहले 16 जनवरी को यह 207 तक पहुंच गया था। उस दिन PM 2.5 का स्तर 92 और PM 10 का स्तर 110 दर्ज किया गया था।
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प्रभाव: सूखी ठंड और प्रदूषण के इस मिश्रण से सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होने पर ही वातावरण साफ होने की उम्मीद है।
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21 से बदलेगा मौसम, इन जिलों में अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि आज (19 जनवरी) और कल (20 जनवरी) प्रदेश भर में मौसम शुष्क बना रहेगा। लेकिन 21 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार हैं।
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21 से 24 जनवरी तक: पर्वतीय जिलों में मौसम बिगड़ेगा।
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इन जिलों में बारिश: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश की संभावना है।
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बर्फबारी: 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
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मैदानी इलाके: हरिद्वार और उधमसिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छाने और तापमान में गिरावट के साथ ठिठुरन बढ़ने के आसार हैं।
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