

देहरादून:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज (Doon Medical College) प्रबंधन ने रैगिंग के मामले में अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। कॉलेज प्रशासन ने जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग करने के दोषी पाए गए एमबीबीएस (MBBS) के नौ सीनियर छात्रों को कॉलेज और हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही दोषी छात्रों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, यह घटना 12 जनवरी की रात को घटी थी। आरोप है कि एमबीबीएस के सीनियर छात्रों ने 2025 बैच के दो नए जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग की थी। पीड़ित छात्रों द्वारा मामले की शिकायत किए जाने के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया।
एंटी रैगिंग कमेटी की जांच के बाद एक्शन
शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे एंटी रैगिंग कमेटी (Anti Ragging Committee) को सौंपा गया। कमेटी ने मामले की गहन जांच की, जिसमें नौ सीनियर छात्रों को रैगिंग का दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कॉलेज के प्राचार्य (प्रिंसिपल) ने तत्काल प्रभाव से सख्त आदेश जारी किए।
प्राचार्य द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, दोषी पाए गए सभी 9 छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, जो इस प्रकार है:
जुर्माना: रैगिंग में शामिल दो मुख्य आरोपी छात्रों पर 50-50 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है।
निष्कासन (Expulsion): अन्य 7 छात्रों को एक महीने के लिए कॉलेज से और तीन महीने के लिए हॉस्टल से निष्कासित (सस्पेंड) कर दिया गया है ।