
देहरादून 22 जनवरी 2026: मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए गए किसी भी निर्माण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसी क्रम में एमडीडीए की टीम ने देहरादून और ऋषिकेश क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर चिन्हित अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान जहां आवश्यक पाया गया, वहां निर्माणों को सील किया गया, वहीं गंभीर मामलों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की गई।

ऋषिकेश में अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई
ऋषिकेश क्षेत्र के निर्मल बाग बी-ब्लॉक मार्ग, लेन नंबर-10 के समीप बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण को एमडीडीए की टीम ने सील कर दिया। इसी तरह ओल्ड पोस्ट ऑफिस, बनखंडी क्षेत्र में तुलसी देवी द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को नियमों के उल्लंघन के चलते सील किया गया।
इसके अलावा ऋषिकेश क्षेत्र में सुनील सोनी द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन पर प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता अमित भारद्वाज, पूनम सकलानी तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सकी।
देहरादून में 20–25 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
देहरादून के हरभजवाला क्षेत्र स्थित आसन विहार में फुरकान व अन्य द्वारा लगभग 20 से 25 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग को एमडीडीए की टीम ने ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के तहत की गई। मौके पर सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता अभिजीत सिंह थलवाल और सुपरवाइजर मौजूद रहे।

एमडीडीए ने दोहराया कि अवैध प्लॉटिंग न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करती है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भविष्य में कानूनी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी खड़ी करती है।
उपाध्यक्ष का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई पूरी सख्ती के साथ लगातार जारी है। बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विरुद्ध किए गए किसी भी निर्माण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अवैध प्लॉटिंग शहरी नियोजन, पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि भूमि खरीदने या निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से सभी आवश्यक अनुमतियां अवश्य लें।

सचिव का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई नियमानुसार और चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। प्राधिकरण की टीमें लगातार क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अनियमितता पाई जा रही है, वहां तत्काल सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। आमजन के हितों की रक्षा एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।