
मसूरी: मसूरी में 24 जनवरी को बाबा बुल्लेशाह की मजार में तोड़फोड़ के मामले में अब तक किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जिन धाराओं को लगाया गया है, उनके तहत तत्काल गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है।
पुलिस के अनुसार, यह मजार निजी भूमि पर स्थित है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि अज्ञात लोगों ने मजार में तोड़फोड़ की और दानपात्र से चोरी की, साथ ही क्षेत्र में शांति भंग करने की साजिश रची गई। मामले को लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मसूरी के क्षेत्राधिकारी मनोज असवाल ने सोमवार को बताया कि एफआईआर रविवार को दर्ज की गई थी। सोमवार को पुलिस बल गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों में व्यस्त रहा, जिसके चलते प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया में कुछ समय लगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफआईआर में दर्ज धाराओं के तहत न तो गिरफ्तारी अनिवार्य है और न ही तत्काल नोटिस जारी करने की बाध्यता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है। दोषियों की पहचान होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।