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देहरादून: अब कचरा नहीं, ‘फर्नीचर’ बनेंगी प्लास्टिक की बोतलें; शहर में लगीं ऑटोमेटिक क्रशर मशीनें, 50 जगहों पर होगी शुरुआत.

देहरादून (29 जनवरी 2026): ‘प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड’ के सपने को साकार करने के लिए देहरादून नगर निगम ने एक शानदार और हाई-टेक पहल की है। अब शहर में इधर-उधर बिखरी प्लास्टिक की बोतलें कचरे का ढेर नहीं बढ़ाएंगी, बल्कि उनसे सुंदर फर्नीचर और सड़कें बनाई जाएंगी। इसके लिए नगर निगम ने ऑटोमेटिक प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन (Automatic Plastic Bottle Crusher Machine) लॉन्च की है।

दुन अस्पताल चौक से हुई शुरुआत इस मुहिम का आगाज देहरादून के दून अस्पताल चौक पर पहली मशीन के उद्घाटन के साथ किया गया। ट्रायल बेस पर यह मशीनें शहर के 50 प्रमुख स्थानों पर लगाई जाएंगी। इनमें मुख्य पर्यटक स्थल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, स्कूल-कॉलेज, पार्क, सरकारी भवन और मुख्य चौराहे शामिल हैं।

कैसे काम करेगी मशीन और क्या होगा फायदा? यह मशीन सिंगल यूज प्लास्टिक की बोतलों को क्रश कर 0.5 एमएम के छोटे टुकड़ों (Flakes) में बदल देगी।

  • वेस्ट टू वेल्थ: क्रश किए गए प्लास्टिक (रॉ मैटेरियल) का इस्तेमाल टेबल, चेयर, फ्लावर पॉट और घर की सजावटी चीजें बनाने में किया जाएगा।

  • सड़क निर्माण: रिसाइकिल प्लास्टिक का उपयोग सड़क निर्माण सामग्री में भी किया जाएगा।

  • संचालन: मशीन का संचालन ‘मनसा फैसिलिटी एंड प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर किया जा रहा है। नगर निगम ने इसमें कोई निवेश नहीं किया है, लेकिन वह रिसाइकिल मैटेरियल को खरीदेगा।

    देहरादून नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करना और उसके वेस्ट को उपयोग में लाना है। इसे एक इकोनॉमी मॉडल की तरह विकसित किया जा रहा है। फीडबैक के आधार पर भविष्य में और मशीनें लगाई जाएंगी।

 

 

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