बरेली में अफसरों के बीच ‘संग्राम’: सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सस्पेंड; DM पर लगाया था ‘बंधक’ बनाने का आरोप.

बरेली/लखनऊ (29 जनवरी 2026): उत्तर प्रदेश के बरेली में नौकरशाही के भीतर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है। यूजीसी (UGC) के नए नियमों और सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पर योगी सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

DM आवास पर ‘बंधक’ बनाने का आरोप इस पूरे विवाद में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली के जिलाधिकारी (DM) अविनाश सिंह पर गंभीर आरोप लगाए।
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अलंकार का दावा: उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम अविनाश सिंह ने बातचीत के बहाने उन्हें सरकारी आवास पर बुलाया और करीब 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा। अलंकार ने कहा, “उनकी योजना मुझे रातभर बंधक रखने की थी। जब मैंने घबराकर सचिव साहब को फोन किया, तब विवाद के डर से मुझे आनन-फानन में छोड़ा गया।”
DM की सफाई: ‘कॉफी पिलाई, समझाया… आरोप झूठे हैं’ डीएम अविनाश सिंह ने इन आरोपों का सख्ती से खंडन किया है। उन्होंने कहा कि आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं।
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डीएम का पक्ष: “अलंकार को सामान्य बातचीत के लिए बुलाया गया था। माहौल बहुत सौहार्दपूर्ण था, उन्हें कॉफी पिलाई गई और इस्तीफा देने की वजह पूछकर समझाने का प्रयास किया गया। बंधक बनाने की कहानी मनगढ़ंत है।”
शामली अटैच विवाद बढ़ता देख शासन ने अलंकार अग्निहोत्री को सस्पेंड कर दिया है।
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जांच: उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी बरेली के मंडल आयुक्त (Commissioner) को सौंपी गई है।
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अटैचमेंट: जांच पूरी होने तक अलंकार को शामली डीएम दफ्तर से संबद्ध कर दिया गया है।
सरकार पर ‘ब्राह्मण विरोधी’ होने का आरोप अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे के पीछे वैचारिक कारण भी बताए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान किया गया। उन्होंने योगी सरकार पर ‘ब्राह्मण विरोधी’ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।