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Economic Survey: भारतीय अर्थव्यवस्था की GDP रफ़्तार 7.4% रहने का अनुमान, महंगाई 1.7% पर सिमटी

नई दिल्ली (29 जनवरी 2026):

संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) ने देश की आर्थिक सेहत को लेकर बेहद उत्साहजनक तस्वीर पेश की है। मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था ‘सुपरफास्ट’ गियर में है। वित्त वर्ष 2026 में देश की जीडीपी वृद्धि दर (GDP Growth Rate) 7.4% रहने का अनुमान है, जो कि वैश्विक मंदी की आहटों के बीच एक बड़ी उपलब्धि है।

​1. विकास दर: कोविड से पहले से बेहतर स्थिति

सर्वेक्षण के अनुसार, भारत की विकास गाथा मजबूत हुई है।

​FY 2025: पिछले वित्त वर्ष में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.5% थी।

​FY 2026: मौजूदा वित्त वर्ष में इसके बढ़कर 7.4% होने का अनुमान है।

​तुलना: यह आंकड़ा कोविड-पूर्व के औसत (6.4%) से काफी बेहतर है।

​भविष्य: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी 6.8% से 7.4% की रेंज में रहने की उम्मीद जताई गई है।

​2. महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत

आम आदमी के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी महंगाई के मोर्चे पर है।

​खुदरा महंगाई: वित्त वर्ष 2023 में जो महंगाई दर 6.7% थी, वह वित्त वर्ष 2026 (दिसंबर तक) गिरकर मात्र 1.7% रह गई है।

​कोर इन्फ्लेशन: सोना-चांदी और ईंधन को छोड़कर कोर महंगाई भी घटकर 2.9% पर आ गई है। यह गिरावट बताती है कि आपकी जेब पर पड़ने वाला बोझ कम हुआ है।

​3. अर्थव्यवस्था को कौन दे रहा रफ़्तार?

सर्वेक्षण बताता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था दो इंजनों पर दौड़ रही है- घरेलू मांग और निवेश।

​निवेश (GFCF): निवेश गतिविधियों में तेजी आई है। ‘रियल ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन’ की वृद्धि दर 7.1% (FY25) से बढ़कर 7.8% (FY26) होने का अनुमान है।

  1. ​खपत (PFCE): निजी खपत व्यय यानी घरेलू खर्च में भी 7.0% की मजबूत बढ़त की उम्मीद है।

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