बरेली: लव मैरिज के 2 महीने बाद IVRI कर्मी की गला घोंटकर हत्या; सुसाइड का ड्रामा रचा, पोस्टमार्टम ने खोला पत्नी और ससुराल वालों का राज.

बरेली (3 फरवरी 2026): बरेली में प्रेम विवाह का एक खौफनाक अंत सामने आया है। इज्जत नगर इलाके में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) के 33 वर्षीय संविदा कर्मचारी जितेंद्र यादव की उनकी शादी के महज दो महीने बाद ही गला घोंटकर हत्या कर दी गई। आरोपियों ने इसे आत्महत्या (फांसी) का रूप देने की कोशिश की थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने अब मृतक की पत्नी और ससुराल वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

7 साल का प्यार, 2 महीने की शादी और मौत इटावा के रहने वाले जितेंद्र यादव और बरेली की ज्योति प्रजापति के बीच पिछले 7 साल से प्रेम प्रसंग था। दोनों ने दो महीने पहले ही अपने परिवारों की मर्जी के खिलाफ जाकर ‘लव मैरिज’ की थी। 26 जनवरी को जितेंद्र का शव उनके किराए के कमरे में फंदे पर लटका मिला था। शुरुआत में इसे आत्महत्या माना जा रहा था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि जितेंद्र की मौत फांसी लगाने से नहीं, बल्कि गला घोंटने (Strangulation) से हुई है। इसके बाद पुलिस ने केस को आत्महत्या के लिए उकसाने से बदलकर ‘हत्या’ में तब्दील कर दिया।
पैतृक जमीन बेचने का दबाव और कार की मांग जितेंद्र के भाई अजय कुमार ने पुलिस में दी गई शिकायत में सनसनीखेज आरोप लगाए हैं:
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डिमांड: आरोप है कि पत्नी ज्योति, ससुर कालीचरण, सास चमेली और साला दीपक, जितेंद्र पर इटावा स्थित उसकी पैतृक जमीन बेचने का दबाव बना रहे थे। वे चाहते थे कि उस पैसे से बरेली में घर और कार खरीदी जाए।
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धमकी: मना करने पर ससुराल वाले उसे झूठे दहेज के केस में फंसाने की धमकी देते थे और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
पुलिस का बयान एसपी (सिटी) मानुष पारीक ने बताया, “पोस्टमार्टम में गला घोंटने की पुष्टि होने के बाद मामले को हत्या के रूप में दर्ज किया गया है। पत्नी और उसके परिवार से पूछताछ की जा रही है। हम इस एंगल की भी जांच कर रहे हैं कि क्या अंतरजातीय विवाह (Inter-caste marriage) का विरोध भी हत्या की वजह बना।”