हल्द्वानी/नैनीताल (बुधवार): उत्तराखंड में ‘फायर सीजन’ (15 फरवरी) शुरू होने से पहले ही जंगलों की आग ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बुधवार को नैनीताल जिले में एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भीमताल विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे, और ठीक उसी समय कार्यक्रम स्थल के पास का जंगल धधक उठा।

भाषण देते रहे सीएम, सामने जलता रहा जंगल घटना जमरानी बांध परियोजना क्षेत्र की है। सीएम धामी बांध का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद स्थानीय जनता को संबोधित कर रहे थे। भाषण के दौरान ही जमरानी बांध के ठीक ऊपर वाली पहाड़ी के जंगल में अचानक आग लग गई। आग की लपटें और धुआं इतना तेज था कि वह जनसभा स्थल से साफ दिखाई दे रहा था।
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अफसरों की सांसे अटकीं: जंगल में आग भड़कती देख मौके पर मौजूद प्रशासनिक और वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों की नजरें सीएम के संबोधन से हटकर बार-बार जंगल की आग पर जा रही थीं। आनन-फानन में वन विभाग की एक टीम को आग बुझाने के लिए मौके पर रवाना किया गया।
सीएम धामी बोले- ‘यह बड़ी चुनौती, 24 घंटे अलर्ट रहें’ मुख्यमंत्री ने इस घटना और प्रदेश में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मंच से ही स्पष्ट निर्देश दिए:
“जंगलों में आग हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है। पहाड़ के लिए वनाग्नि चिंता का विषय है। मैंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे 24 घंटे ‘अलर्ट मोड’ में रहें और ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करें।”
सर्दियों में भी सुलग रहे पहाड़ आमतौर पर उत्तराखंड में 15 फरवरी से 15 जून तक फायर सीजन माना जाता है, लेकिन इस बार सर्दियों में भी जंगल जल रहे हैं। वन विभाग दावे कर रहा है, लेकिन सीएम की मौजूदगी में लगी इस आग ने जमीनी हकीकत की पोल खोल दी है।