आपदा

Meghalaya mine accident: 18 मजदूरों के शव बरामद, कई और के फंसे होने की आशंका; 24 घंटे बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी.

पूर्वी जयंतिया हिल्स/शिलांग (शुक्रवार): मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में हुए भीषण कोयला खदान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मिसिंगेट-थांग्स्को (Misinget-Thangskai) इलाके की एक खदान में हुए डायनामाइट विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि खदान के अंदर अभी भी कई मजदूर फंसे हो सकते हैं।

प्रतीकात्मक चित्र

(Meghalaya mine accident)अंधेरे के कारण रुका था रेस्क्यू, सुबह फिर शुरू गुरुवार को हुए इस हादसे के बाद देर शाम तक बचाव अभियान चलाया गया था, लेकिन अंधेरा होने के कारण ऑपरेशन को रोकना पड़ा। आज (शुक्रवार) सुबह होते ही एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्पेशल रेस्क्यू टीम (SRT) ने दोबारा मोर्चा संभाल लिया है।

  • पुलिस का बयान: पुलिस अधीक्षक (SP) विकास कुमार ने पुष्टि की है कि अब तक घटनास्थल से 18 शव बरामद किए जा चुके हैं।पुलिस महानिदेशक (DGP) आई. नोंगरांग ने चिंता जताते हुए कहा, “विस्फोट के समय खदान के अंदर मजदूरों की सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है, इसलिए आशंका है कि और भी लोग अंदर दबे हो सकते हैं।”

घायल को शिलांग रेफर किया गया विस्फोट में गंभीर रूप से घायल एक मजदूर को पहले सुतंगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए शिलांग रेफर कर दिया गया है।

पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान, सीएम ने दिए जांच के आदेश इस दर्दनाक हादसे(Meghalaya mine accident) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। केंद्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने घटना पर दुख जताते हुए हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि खदान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई थी।

 

 

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