
देहरादून: में तेजी से बढ़ता शहरीकरण शहर की प्राकृतिक ठंडक पर भारी पड़ रहा है। दून विश्वविद्यालय और नेशनल एटमॉस्फेरिक रिसर्च लैबोरेटरी (NARL) के एक संयुक्त अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि देहरादून में तापमान बढ़ने का सीधा संबंध कंक्रीट निर्माण और शहरी विस्तार से है।
अध्ययन के तहत देहरादून और मसूरी का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। शोध में सामने आया कि देहरादून में इमारतों, सड़कों और कंक्रीट क्षेत्रों के विस्तार से तापमान प्रभावित हो रहा है, जबकि मसूरी में शहरीकरण बढ़ने के बावजूद फिलहाल तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं मिले हैं।
दून विश्वविद्यालय ने मानसून से पहले के गर्मी के मौसम को आधार बनाकर शहरी संरचनाओं के तापमान पर प्रभाव का अध्ययन किया। विश्वविद्यालय के एनवायरमेंट एंड नेचुरल रिसोर्स विभाग के अनुसार, इस शोध में WRF मॉडल का उपयोग करते हुए देहरादून (लगभग 640 मीटर ऊंचाई) और मसूरी (लगभग 2005 मीटर ऊंचाई) में शहरीकरण के कारण तापमान में होने वाले बदलावों का आकलन किया गया।
शोधकर्ताओं का मानना है कि देहरादून में हरित क्षेत्रों की कमी और तेजी से बढ़ता कंक्रीट क्षेत्र भविष्य में तापमान को और बढ़ा सकता है, जिससे शहर की जलवायु और जीवनशैली पर नकारात्मक असर पड़ेगा।