
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर देहरादून में एक महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में अंकिता के माता-पिता भी शामिल हुए और उन्होंने सरकार व जांच एजेंसियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों, स्थानीय लोगों और न्याय की मांग कर रहे नागरिकों ने भाग लिया।
महापंचायत के दौरान अंकिता के माता-पिता ने कहा कि अब तक उन्हें पूर्ण न्याय नहीं मिला है और पूरे मामले में कई अहम सवाल अनुत्तरित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर लगातार बाधाएं डाली गईं। पीड़ित परिवार ने सरकार से सीधे तौर पर पांच सवाल पूछते हुए जवाब की मांग की।
परिवार का आरोप है कि शुरुआत में सीबीआई जांच की मांग के बावजूद उनके बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे मामले से जुड़े प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच होती तो सच्चाई और तेजी से सामने आ सकती थी।
महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की परीक्षा है। उन्होंने मांग की कि मामले से जुड़े सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए और जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह का राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप न हो।
कार्यक्रम के दौरान यह भी आरोप लगाया गया कि वीआईपी एंगल को दबाने की कोशिश की गई और जांच को सीमित दायरे में रखा गया। पीड़ित परिवार और समर्थकों ने दोहराया कि जब तक सभी सवालों के जवाब नहीं मिलते और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
महापंचायत के अंत में सरकार से अपील की गई कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।