
विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को भीमताल पहुंचकर कैंची धाम बाईपास परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 18.2 किलोमीटर लंबा कैंची धाम बाईपास 15 जून, 2026 से पहले यातायात के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग मंत्री ने बताया कि यह बाईपास भवाली सेनिटोरियम से शुरू होकर रातीघाट होते हुए पाडली तक बनाया जा रहा है। परियोजना का कार्य दो चरणों में पूरा किया जा चुका है और शेष कार्य तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
मंत्री ने बताया कि शिप्रा नदी पर प्रस्तावित 74 मीटर लंबे पुल का निर्माण पर्यटन सीजन से पहले पूरा होना संभव नहीं दिख रहा है। ऐसे में अस्थायी व्यवस्था के तौर पर शिप्रा नदी पर बैली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा, ताकि बाईपास को तय समय पर शुरू किया जा सके और यातायात बाधित न हो।
विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कैंची धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग को सरल, सुगम और सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता है। बाईपास शुरू होने से भवाली, भीमताल और आसपास के क्षेत्रों में लगने वाले लंबे जाम से भी राहत मिलेगी।
बैठक में अधिकारियों ने मंत्री को परियोजना की प्रगति की जानकारी दी और शेष कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने का आश्वासन दिया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित निगरानी के साथ कार्य पूरा कराया जाएगा।