
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में भाजपा के हैट्रिक मिशन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खासतौर पर सात ऐसी विधानसभा सीटों को लेकर पार्टी के भीतर मंथन चल रहा है, जहां मौजूदा विधायक 70 वर्ष से अधिक उम्र के हैं।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के ये वरिष्ठ नेता अपने परिवार के सदस्यों—खासतौर पर बेटों या अन्य परिजनों—के लिए टिकट की पैरवी कर रहे हैं। लेकिन पार्टी नेतृत्व का स्पष्ट रुख है कि टिकट उसी प्रत्याशी को दिया जाएगा, जिसकी जीत की संभावना सबसे मजबूत होगी।
भाजपा ने 2027 चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने का लक्ष्य तय किया है और इसके लिए “जिताऊ उम्मीदवार” का फॉर्मूला अपनाया जा रहा है। पार्टी के अंदर 70 साल से अधिक उम्र के नेताओं को टिकट न देने जैसी कोई औपचारिक नीति नहीं है, इसलिए उम्र को आधार बनाकर टिकट काटे जाने की संभावना कम ही नजर आ रही है।
पार्टी स्तर पर फिलहाल अलग-अलग सीटों पर सर्वे कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कई बुजुर्ग विधायक एक बार फिर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।