मुस्लिम यूनिवर्सिटी विवाद पर सियासी घमासान,
प्रीतम सिंह का दावा— हरीश रावत का बयान सामने आया तो छोड़ दूंगा राजनीति

देहरादून: उत्तराखंड में प्रस्तावित मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार किया है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा पर चुनावी लाभ के लिए मुद्दाविहीन राजनीति करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस भवन में आयोजित मीडिया वार्ता के दौरान प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा के पास जनता से जुड़े मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वह मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे विषय को उछालकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह झूठा करार देते हुए कहा कि कांग्रेस पर लगाया गया यह आरोप तथ्यहीन है।
प्रीतम सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का जिक्र करते हुए कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि हरीश रावत ने मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पक्ष में कोई बयान दिया है, तो वह राजनीति छोड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा जानबूझकर कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2002 में जब राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी थी, उस समय शैक्षिक संस्थानों के लिए भूमि लीज पर दी गई थी, जैसा कि पूर्ववर्ती और बाद की सरकारें भी करती रही हैं। उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन भाजपा इसे गलत तरीके से पेश कर रही है।
प्रीतम सिंह ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब बड़े औद्योगिक समूहों को जमीन दी जाती है, तब कोई सवाल नहीं उठाता। वहीं, शैक्षणिक संस्थानों के मामले में अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने डाकपत्थर क्षेत्र में जमीन को बेहद कम कीमत पर बेचने का आरोप लगाते हुए सरकार की नीयत पर भी सवाल खड़े किए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य की जनता विकास, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर जवाब चाहती है, लेकिन भाजपा इन सवालों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के विवाद खड़े कर रही है। उन्होंने सरकार से आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर वास्तविक जनसमस्याओं पर काम करने की मांग की।