
ऋषिकेश: त्रिवेणीघाट पर हिंदू सम्मेलन समिति की ओर से विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने सनातन धर्म की परंपराओं और देशभक्ति से जुड़े गीतों व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
सम्मेलन में छात्र-छात्राएं संत, सुभाष चंद्र बोस, भारत माता और रानी लक्ष्मीबाई की वेशभूषा में सजे नजर आए, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने देशभक्ति, धर्म और संस्कृति के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि मानव जीवन में धर्म और संस्कृति का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कृति और परंपराएं व्यक्ति के विचार, आचरण, रहन-सहन और कर्मों के निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं।
डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि हिंदू धर्म का सशक्त होना केवल समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव कल्याण के लिए आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और सनातन परंपराओं को आत्मसात करने का आह्वान किया।
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने समाज में सांस्कृतिक चेतना जागृत करने, नैतिक मूल्यों को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर भी विचार रखे। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।