उत्तराखंड की राजधानी देहरादून आज राजनीतिक गर्माहट का केंद्र बनी रही। प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, चरमराती कानून व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर आज कांग्रेस पार्टी ने विशाल राजभवन कूच किया। परेड ग्राउंड से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश के कोने-कोने से आए हजारों कार्यकर्ताओं के हुजूम ने धामी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

विशाल जनसभा और दिग्गजों की हुंकार
कूच से पहले परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें कांग्रेस के तमाम बड़े चेहरे एक ही मंच पर नजर आए। मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, करन माहरा, हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह जैसे दिग्गजों ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “राज्य में प्रचंड बहुमत वाली सरकार ने जनादेश का अपमान किया है। आज प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है और चारों तरफ ‘जंगलराज’ जैसा माहौल है।”
इन मुख्य मुद्दों पर बोला हल्ला
कांग्रेस ने सरकार को घेरने के लिए मुद्दों की एक लंबी फेहरिस्त तैयार की थी:
बिगड़ती कानून व्यवस्था: राजधानी देहरादून समेत पूरे प्रदेश में दिन-दहाड़े हो रही हत्याओं और डकैती की घटनाओं पर रोष जताया गया।
बेरोजगारी और पलायन: युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की कमी और पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन को गंभीर मुद्दा बताया।
महिला सुरक्षा: अंकिता भंडारी मामले का जिक्र करते हुए प्रदेश में महिला उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर सवाल उठाए।
मनरेगा का नाम बदलना: केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर VB-G RAM G (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार) किए जाने का कड़ा विरोध किया गया।
स्थानीय समस्याएं: जंगली जानवरों का आतंक, बदहाल स्वास्थ्य सुविधाएं और बंद होते पहाड़ी स्कूलों के प्रति नाराजगी व्यक्त की गई।
राजभवन की ओर कूच और पुलिस से झड़प जनसभा के बाद जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजभवन की ओर बढ़ना शुरू किया, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें सरकार की विफलताओं का उल्लेख करते हुए तत्काल सुधारात्मक कदमों की मांग की गई।
भविष्य की रणनीति प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। अगर सरकार ने अपनी जनविरोधी नीतियों में सुधार नहीं किया और कानून व्यवस्था को पटरी पर नहीं लाया, तो कांग्रेस इस आंदोलन को ब्लॉक और गांव स्तर तक ले जाएगी।