भारत-फ्रांस संबंधों में नया अध्याय: राष्ट्रपति मैक्रों मुंबई पहुंचे, पीएम मोदी के साथ ‘ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का करेंगे आगाज़
मुंबई | मंगलवार, 17 फरवरी 2026
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मंगलवार को मुंबई पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए राष्ट्रपति मैक्रों का यह चौथा दौरा है, जो दोनों देशों के बीच लगातार प्रगाढ़ होते रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों की गवाही दे रहा है। मुंबई हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रपति मैक्रों और फर्स्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

ईयर ऑफ इनोवेशन 2026′ की होगी शुरुआत
इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव मुंबई में होने वाली द्विपक्षीय बैठक है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का शुभारंभ करेंगे। इस पहल का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नई तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में दोनों देशों की क्षमताओं को एक साथ लाना है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, यह दौरा ‘भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी’ को एक नई गति प्रदान करेगा।
’होराइजन 2047′ रोडमैप पर चर्चा
मुंबई में होने वाली चर्चाओं में ‘होराइजन 2047’ रोडमैप के तहत आपसी सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। दोनों नेता रक्षा (Defense), अंतरिक्ष (Space), सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में जारी परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। साथ ही, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा।
दिल्ली में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ में शिरकत
मुंबई के कार्यक्रमों के बाद फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के लिए रवाना होगा। वहाँ राष्ट्रपति मैक्रों भारत मंडपम में आयोजित होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ (16-20 फरवरी) में हिस्सा लेंगे। ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला यह अपनी तरह का पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है, जो ‘लोग, ग्रह और प्रगति’ (People, Planet, and Progress) के तीन स्तंभों पर आधारित है।
रणनीतिक साझेदारी के मील के पत्थर
गौरतलब है कि राष्ट्रपति मैक्रों का यह दौरा पिछले कुछ वर्षों की सक्रिय कूटनीति का विस्तार है:
2018: मैक्रों का पहला भारत दौरा।
2023: जी-20 शिखर सम्मेलन में भागीदारी।
2024: गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में राजकीय यात्रा।
2026: ‘ईयर ऑफ इनोवेशन’ के साथ तकनीकी साझेदारी का नया युग।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में जब वैश्विक भू-राजनीति (Geo-politics) अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, भारत और फ्रांस का यह करीब आना न केवल द्विपक्षीय हितों के लिए, बल्कि वैश्विक संतुलन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।