Uncategorized
Trending

गुजरात सहकारिता मंथन में उत्तराखंड की तीन योजनाओं को राष्ट्रीय मॉडल बनाने पर चर्चा

देहरादून/गुजरात, 17 फरवरी 2026: गुजरात में आयोजित सहकारिता मंत्रियों की उच्चस्तरीय मंथन बैठक में उत्तराखंड सरकार की तीन नवाचारी योजनाओं—मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, मिलेट मिशन योजना और दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना—की व्यापक सराहना की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने की।

बैठक में ‘सहकार से समृद्धि’ विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए किसानों की आय वृद्धि, पशुधन अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, ग्रामीण आजीविका संवर्धन और पोषण सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। राज्य की योजनाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रभावी मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों, काश्तकारों, युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 11,71,810 किसानों एवं 6,597 अन्य लाभार्थियों को 7,284.76 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं के श्रमभार को कम करने और पशुधन के लिए किफायती व उच्च गुणवत्ता वाले साइलेज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। एमपैक्स के माध्यम से अब तक 28,605 लाभार्थियों को रियायती दर पर साइलेज उपलब्ध कराया गया है, जिससे एमपैक्स को लगभग 161.07 लाख रुपये का लाभ हुआ है।

मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत सहकारी संस्थाओं के जरिए मोटे अनाज की खेती और खरीद को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक 7,457 किसानों से बढ़कर 11,153 किसानों से 53,860 कुंतल मिलेट की खरीद की गई है, जिसका भुगतान समयबद्ध तरीके से किया गया।

बैठक में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इन योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल के रूप में अपनाने की संभावनाओं पर विचार व्यक्त किया। डॉ. रावत ने रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और चम्पावत जिलों में जिला सहकारी बैंकों के संचालन हेतु लाइसेंस प्रदान करने की मांग भी रखी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!