सुखवंत सिंह आत्महत्या मामला: SIT ने 12 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में पेश की चार्जशीट.

रुद्रपुर/काशीपुर: काशीपुर के चर्चित किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। 79 दिनों की गहन तफ्तीश के बाद एसआईटी ने 29 पन्नों का आरोप पत्र ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट काशीपुर की अदालत में पेश किया, जिसमें तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत 12 लोगों को नामजद किया गया है।
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क्या है पूरा मामला?
उधम सिंह नगर के ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने इसी वर्ष 10-11 जनवरी की रात हल्द्वानी के काठगोदाम स्थित एक होटल में खुद को गोली मारकर जीवनलीला समाप्त कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व सुखवंत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी व्यथा सुनाई थी। उन्होंने जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी और पुलिस द्वारा प्रताड़ित किए जाने के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के नामों का उल्लेख था।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया था। तत्कालीन एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने तत्काल प्रभाव से आईटीआई कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला और एसआई प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया था। साथ ही, पूरी पैगा चौकी को लाइन हाजिर किया गया था।
जांच की कमान पहले जिला एसआईटी को सौंपी गई थी, लेकिन बाद में पुलिस मुख्यालय ने आईजी नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में एक नई उच्च स्तरीय एसआईटी का गठन किया। इसके समानांतर, कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत द्वारा मामले की मजिस्ट्रियल जांच भी की गई।
चार्जशीट के मुख्य बिंदु
एसआईटी द्वारा दाखिल चार्जशीट में मामले की गहराई को समझाने के लिए 58 गवाहों को शामिल किया गया है।
कुल आरोपी: शुरुआत में 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, जिनमें से फिलहाल 12 के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने पर चार्जशीट दाखिल हुई है।
धाराएं और आरोप: * एक आरोपी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
सात आरोपियों (विमल कुमार, आशीष चौहान, कुलविंदर सिंह, अमरजीत सिंह, जगपाल सिंह, गुरप्रेम सिंह और जहीर) पर धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का केस दर्ज किया गया है।
तत्कालीन थानाध्यक्ष कुंदन सिंह रौतेला पर आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
चार अन्य आरोपियों पर पीड़ित को धमकाने का आरोप है।
जांच अभी भी जारी
एसआईटी सूत्रों के अनुसार, यह जांच का अंतिम चरण नहीं है। कुछ आईपीएस अधिकारियों समेत 12 अन्य संदिग्धों के खिलाफ अभी भी जांच चल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नए साक्ष्य मिलने पर पूरक चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है।