रुद्रप्रयाग को बड़ी राहत: अलकनंदा पर बनेगा नया पुल, केदारघाटी की राह होगी आसान.
रुद्रप्रयाग: लंबे इंतजार के बाद आखिरकार रुद्रप्रयाग वासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केदारघाटी को जोड़ने वाले अलकनंदा नदी पर बने जर्जर बेलनी मोटर पुल की जगह अब एक नया आधुनिक पुल बनाया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी देते हुए करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से 85.68 मीटर लंबे स्टील गार्डर डबल लेन पुल के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है।

यह फैसला न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि हर साल चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए भी बड़ी सुविधा साबित होगा।
जर्जर पुल से मिलेगी छुटकारा
बेलनी मोटर पुल पिछले कई वर्षों से अपनी जर्जर हालत के कारण परेशानी का कारण बना हुआ था। कई बार प्रशासन को भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगानी पड़ी, जिससे आम लोगों और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रा सीजन में तो यहां जाम आम बात हो गई थी।
अब आसान होगा सफर
नए पुल के बनने से रुद्रप्रयाग शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है। खासकर केदारघाटी की ओर जाने वाले रास्ते पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी और यात्रा ज्यादा सुगम और सुरक्षित हो सकेगी।
60 साल पुराना पुल अब नहीं था पर्याप्त
बताया जा रहा है कि बेलनी पुल का निर्माण 1960 के दशक में हुआ था। समय के साथ इसकी हालत खराब होती गई और बढ़ते यातायात के दबाव के चलते यह पुल अब नाकाफी साबित हो रहा था। कई बार मरम्मत के बावजूद समस्या जस की तस बनी रही।
पहले अटका, अब मिला रास्ता
इस पुल के निर्माण के लिए पहले 28 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे यह कहकर खारिज कर दिया गया कि आसपास पहले से अन्य पुल मौजूद हैं। लेकिन क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए संशोधित प्रस्ताव दोबारा भेजा गया, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार
इस उपलब्धि पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने खुशी जताई है। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने इसके लिए नरेंद्र मोदी, नितिन गडकरी, पुष्कर सिंह धामी और सांसद अनिल बलूनी का आभार जताया।
नए पुल के निर्माण से न सिर्फ यातायात व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि रुद्रप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।