उत्तरकाशी के फीताड़ी गांव में भीषण अग्निकांड, पांच लकड़ी के मकान जलकर राख
जनपद उत्तरकाशी के मोरी विकास खंड के दूरस्थ फीताड़ी गांव में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से पांच लकड़ी के मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग इतनी विकराल थी कि लाख प्रयासों के बावजूद घरों में रखा राशन, कपड़े, नकदी और अन्य सामान नहीं बचाया जा सका। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।
उत्तरकाशी के फीताड़ी गांव में भीषण अग्निकांड, पांच लकड़ी के मकान जलकर राख
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात अचानक फीताड़ी गांव के पांच लकड़ी के भवनों में आग लग गई। घटना की सूचना ग्राम प्रधान द्वारा आपदा कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद अग्निशमन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। स्थानीय ग्रामीणों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आग पर काबू पाने में सहयोग किया।
गांव में अधिकांश मकान लकड़ी के बने होने और बस्ती के घनी होने के कारण आग के फैलने का खतरा बढ़ गया था। हालांकि, ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित प्रयासों से आग को अन्य घरों तक फैलने से रोक लिया गया।
आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या के चलते सटीक जानकारी मिलने में भी दिक्कत आ रही है। स्थिति का जायजा लेने के लिए टीम को मौके पर भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक नुकसान और कारण स्पष्ट हो पाएंगे।
उल्लेखनीय है कि मोरी ब्लॉक के दूरस्थ क्षेत्रों में पूर्व में भी आगजनी की घटनाएं सामने आती रही हैं। कुछ महीने पहले आराकोट बंगाण क्षेत्र के ग्राम डामटी थुनारा में भी एक तीन मंजिला आवासीय भवन आग की भेंट चढ़ गया था, जिसमें भारी नुकसान हुआ था। इसके अलावा ग्राम सट्टा में हुए अग्निकांड में दो मकान क्षतिग्रस्त हुए थे और एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी।
प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।