
देहरादून | 04 फरवरी 2026: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत परिवहन विभाग, उत्तराखंड द्वारा देहरादून के दून लाइब्रेरी, लैंसडाउन चौक पर एक व्यापक सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम और रैली का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित यातायात व्यवहार, वाहन के सही रखरखाव तथा स्वच्छ वातावरण के प्रति जागरूक करना था।
देहरादून भी वायु प्रदूषण से प्रभावित शहरों में शामिल
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि देश के 131 शहरों को वायु गुणवत्ता के आधार पर Non-Attainment Cities घोषित किया गया है। इनमें उत्तराखंड के तीन प्रमुख शहर—देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर भी शामिल हैं।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत वर्ष 2019 से कार्ययोजना लागू की गई है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2026 तक वायु प्रदूषण में लगभग 40 प्रतिशत तक कमी लाना है।
खराब वाहन रखरखाव: दुर्घटनाओं और प्रदूषण का बड़ा कारण
विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि वाहनों के सही रखरखाव की अनदेखी केवल प्रदूषण ही नहीं बढ़ाती, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का भी एक प्रमुख कारण बनती है।
खराब रखरखाव के प्रमुख दुष्परिणाम:
- सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि
- ईंधन की अधिक खपत
- वाहनों से अधिक धुआं और हानिकारक गैसों का उत्सर्जन
वाहन प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण
कार्यक्रम में वाहन प्रदूषण के सामान्य कारणों की जानकारी भी दी गई, जिनमें प्रमुख हैं—
- ईंधन का अधूरा दहन
- इंजन की खराब ट्यूनिंग
- जाम या गंदे एयर फिल्टर
- खराब एग्जॉस्ट सिस्टम
- मिलावटी या घटिया ईंधन का प्रयोग
- ओवरलोडिंग
- तेज और आक्रामक ड्राइविंग
नियमित वाहन रखरखाव से प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव
विशेषज्ञों ने बताया कि यदि वाहन चालकों द्वारा समय-समय पर वाहन की जांच और सर्विसिंग कराई जाए तो प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
सही रखरखाव के लाभ:
- स्वच्छ इंजन से कम प्रदूषण
- सही दहन प्रक्रिया से बेहतर माइलेज
- मजबूत एग्जॉस्ट सिस्टम से नियंत्रित धुआं
- नियमित जांच से वाहन की खराबी का समय रहते समाधान
सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, जीवन रक्षा का अभियान
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा—
“सड़कें हमारी साझा धरोहर हैं। जिस प्रकार हम अपने घरों को स्वच्छ रखते हैं, उसी प्रकार सड़कों को सुरक्षित और स्वच्छ रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूक नागरिक ही सुरक्षित सड़क और बेहतर पर्यावरण की नींव रखते हैं।”
उन्होंने ट्रैफिक सुधार से जुड़े कई व्यावहारिक उदाहरण साझा करते हुए आम जनता से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
“प्रदूषण नियंत्रण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी”
उप परिवहन आयुक्त सुनील शर्मा ने कहा—
“वायु प्रदूषण का सबसे अधिक दुष्प्रभाव छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। इसे नियंत्रित करना केवल सरकारी विभागों का कार्य नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।”
2030 तक दुर्घटनाओं में 50% कमी का लक्ष्य
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला ने अपने संबोधन में बताया—
“सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए नियमित वाहन जांच, सुरक्षित ड्राइविंग और निरंतर जन-जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम हैं।”
250 से अधिक नागरिकों ने लिया सड़क सुरक्षा का संकल्प
कार्यक्रम के समापन अवसर पर लगभग 250 से अधिक प्रतिभागियों ने जागरूकता रैली में भाग लिया। इनमें वाहन डीलर, परिवहन यूनियन के सदस्य, चालक, प्रशिक्षण संस्थान, प्रदूषण जांच केंद्र और आम नागरिक शामिल रहे।
प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा किट और जागरूकता सामग्री भी वितरित की गई।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश:
बेहतर वाहन रखरखाव = सुरक्षित सड़कें + स्वच्छ हवा + स्वस्थ भविष्य
परिवहन विभाग उत्तराखंड का यह अभियान सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारीगण
इस अवसर पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) चक्रपाणी मिश्रा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) पंकज श्रीवास्तव, एम.डी. पपनोई, श्वेता रौथाण, अनुराधा पंत, प्रज्ञा पंत, परिवहन कर अधिकारी, प्रवर्तन पर्यवेक्षक एवं प्रवर्तन आरक्षी सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
साथ ही विभिन्न वाहन डीलर, मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान, मान्यता प्राप्त गैराज, प्रदूषण जांच केंद्र, रोडवेज चालक-परिचालक तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
जागरूकता रैली का मार्ग
जागरूकता रैली निम्न निर्धारित मार्ग से निकाली गई—
दून लाइब्रेरी → कनक चौक → ऐस्टले हॉल → घंटाघर → दर्शन लाल चौक → बुद्धा चौक → एसबीआई चौक → तिब्बती मार्केट → दून लाइब्रेरी
रैली के दौरान नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए गए।